Thursday, October 29, 2015

'' गीत अमर है '' नामक गीत , कवि स्व. श्री श्रीकृष्ण शर्मा के गीत - संग्रह - बोल मेरे मौन '' से लिया गया है -









किसने कहा कि गीत मर गया ?
नहीं मरा है , नहीं मरेगा ,
जब तक जग है , गीत अमर है । । 

गीत अमृत से भरा कुण्ड है ,
गीत सरस रस की गागर है ,
गीत ज्येष्ठ में आषाढ़ी धन ,
पतझर में फूलों का घर है ;

गीत काव्य का प्रथम श्लोक है ,
स्वप्न - कल्पना - भाव लोक है ;

आहत - शोषित कवि की वाणी ,
संवेदित अन्तर्मन की है 
यह निःसृत पीड़ा कल्याणी ;

मानव का संघर्ष गीत है ,
करुणा का यह जीवित स्वर है । 

किसने कहा कि गीत मर गया ?
नहीं मरा है , नहीं मरेगा ,
जब तक जग है , गीत अमर है । । 


                                         - श्रीकृष्ण शर्मा 

___________________________
पुस्तक - '' बोल मेरे मौन ''  ,  पृष्ठ - 71

सुनील कुमार शर्मा  
पुत्र –  स्व. श्रीकृष्ण शर्मा ,
जवाहर नवोदय विद्यालय ,
पचपहाड़ , जिला – झालावाड़ , राजस्थान .
पिन कोड – 326512
फोन नम्बर - 9414771867


Wednesday, October 28, 2015

'' पहुँच '' नामक गीत , कवि स्व. श्री श्रीकृष्ण शर्मा के गीत - संग्रह - '' बोल मेरे मौन '' से लिया गया है -









कैसी भी हो पहुँच , तिथि में अखतीज है ,
बंधु , इस जहान में , पहुँच बड़ी चीज़ है । 

श्रम की औ ' निष्ठां की , योग्यता वरिष्ठा की ,
ज्ञान और अनुभव की , कर्म की , प्रतिष्ठा की ,
पूछ नहीं , देखकर भाग्य को यों कोस ना ,
कर यों अफ़सोस ना , मन में न रोष ना ;

दुनिया के तौर सीख , लगा नहीं मेन - मीख ,
भेंट और पूजा से करके आराधना ,
अफसर औ ' नेता के दामन को थामना ;

ये ही , बस ये ही अब योग्यतम तमीज है ,
बाकीं हैं व्यर्थ सभी और व्यर्थ खीज है । 

कैसी भी हो पहुँच , तिथि में अखतीज है ,
बंधु , इस जहान में , पहुँच बड़ी चीज़ है । 


                                                         - श्रीकृष्ण शर्मा 

_________________________________
पुस्तक - '' बोल मेरे मौन ''  ,  पृष्ठ - 72

सुनील कुमार शर्मा  
पुत्र –  स्व. श्रीकृष्ण शर्मा ,
जवाहर नवोदय विद्यालय ,
पचपहाड़ , जिला – झालावाड़ , राजस्थान .
पिन कोड – 326512
फोन नम्बर - 9414771867


Tuesday, October 27, 2015

''अँग्रेज हो गये ! '' नामक गीत , कवि स्व. श्रीकृष्ण शर्मा के गीत - संग्रह - '' बोल मेरे मौन '' से लिया गया है -









हमको सिर्फ़ पेट की चिन्ता ,
तुम्हें पड़ी है दुनिया भर की । । 

तुमको हमने दिल्ली भेजा ,
रोज़गार दे , रोटी दोगे ,
शर्म ढाँकने भर को हमको 
धोती या कि लँगोटी दोगे ;

लेकिन बैठ ' बड़ी कुर्सी ' पर 
तुम सचमुच अँग्रेज हो गए ,
हम सीधे - सादे लोगों को 
बहलाने में तेज हो गए ;

पर कब तक ये थमा रहेगा ,
असंतोष आख़िर उबलेगा ?

सँभलो , करो जेठ की चिन्ता ,
सूरज की अंगार नज़र की । 

हमको सिर्फ़ पेट की चिन्ता ,
तुम्हें पड़ी है दुनिया भर की । । 


                                    - श्रीकृष्ण शर्मा 

__________________________
पुस्तक - '' बोल मेरे मौन ''  ,  पृष्ठ - 73

सुनील कुमार शर्मा  
पुत्र –  स्व. श्रीकृष्ण शर्मा ,
जवाहर नवोदय विद्यालय ,
पचपहाड़ , जिला – झालावाड़ , राजस्थान .
पिन कोड – 326512
फोन नम्बर - 9414771867


Monday, October 26, 2015

'' आख़िर वही हुआ ! '' नामक गीत , कवि स्व. श्रीकृष्ण शर्मा के गीत संग्रह - '' बोल मेरे मौन '' से लिया गया है -









आख़िर वही हुआ , हमको था डर जिसका । 
हुआ बेदखल वही , यहीं था घर जिसका । । 

जिसने फिरंगियों से टकरा - टकरा कर 
आज़ादी के तट - बंधों को खड़ा किया ,
जिसने रक्त पिलाकर अपने सीने का 
प्रजातंत्र को ताकत दी औ ' बड़ा किया ;

उसको परे धकेल , छीन कर हक़ सारे ,
सत्ता में आ गए लुटेरे - हत्यारे ;

हक़ की ख़ातिर कौन लड़ेगा , देखें तो ,
कहता था वह , कटा पड़ा है सर जिसका । 

आख़िर वही हुआ , हमको था डर जिसका । 
हुआ बेदखल वही , यहीं था घर जिसका । । 


                                                      - श्रीकृष्ण शर्मा 

_________________________________
पुस्तक - '' बोल मेरे मौन ''  ,  पृष्ठ - 74

सुनील कुमार शर्मा  
पुत्र –  स्व. श्रीकृष्ण शर्मा ,
जवाहर नवोदय विद्यालय ,
पचपहाड़ , जिला – झालावाड़ , राजस्थान .
पिन कोड – 326512
फोन नम्बर - 9414771867


Saturday, October 24, 2015

'' मुग़ालता '' नामक गीत , कवि स्व. श्रीकृष्ण शर्मा के गीत संग्रह - '' बोल मेरे मौन '' से लिया गया है -









तुम पास हमारे आये तो ,
पर मिले सदा दूरी रखकर । 

तुमने अपनेपन का अभिनय 
हमको बहलाने ख़ूब किया ,
होने तक स्वार्थ - सिद्धि तुमने 
सिर - आँखों हमको बिठा लिया ;

लेकिन जब निकल गया मतलब 
बन गये दूध की मक्खी हम ,
गलहारों के संग डाल दिये 
फिर तुमने विषधर हो निर्मम ;

पर हम भोले सीधे - सादे 
पाले मुग़ालता रहे यही ,
तुम सबसे ज्यादा अपने हो 
जैसे नदिया को कोई लहर ।  

तुम पास हमारे आये तो ,
पर मिले सदा दूरी रखकर । 


                                 - श्रीकृष्ण शर्मा 

_________________________
पुस्तक - '' बोल मेरे मौन ''  ,  पृष्ठ - 75

सुनील कुमार शर्मा  
पुत्र –  स्व. श्रीकृष्ण शर्मा ,
जवाहर नवोदय विद्यालय ,
पचपहाड़ , जिला – झालावाड़ , राजस्थान .
पिन कोड – 326512
फोन नम्बर - 9414771867


Friday, October 23, 2015

'' देख रहे पाखंड '' नामक गीत , कवि स्व. श्रीकृष्ण शर्मा के गीत संग्रह - '' बोल मेरे मौन '' से लिया गया है -









कहाँ रख दिया गिरवी तुमने ,
कहो हमारा सपना ?

हम खुश थे अपने अभाव में 
औ ' अपनी तंगी में ,
किन्तु खींचकर ले आये तुम 
दुनियाँ बहुरंगी में ;

टूट रहा जब आज तुम्हारा 
जादू ओ मायावी ,
देख रहे पाखंड और 
अपराध हुए हैं हावी ;

सुख - सुविधा - अधिकार लिए सब 
शासक और प्रशासक ,
पर हम सबके लिए बचा है 
रोना और कलपना । 

कहाँ रख दिया गिरवी तुमने ,
कहो हमारा सपना ?


                                 - श्रीकृष्ण शर्मा 

_________________________
पुस्तक - '' बोल मेरे मौन ''  ,  पृष्ठ - 77

सुनील कुमार शर्मा  
पुत्र –  स्व. श्रीकृष्ण शर्मा ,
जवाहर नवोदय विद्यालय ,
पचपहाड़ , जिला – झालावाड़ , राजस्थान .
पिन कोड – 326512
फोन नम्बर - 9414771867



Thursday, October 22, 2015

'' बारात नई लाओ ! '' नामक गीत कवि स्व. श्रीकृष्ण शर्मा के गीत संग्रह - '' बोल मेरे मौन '' से लिया गया है -









तुम धरती को सौग़ात नई लाओ !!

पतझर की नज़र लगी है सिरजन पर ,
तुम मधुऋतु की बारात नई लाओ !
तुम धरती को सौग़ात नई लाओ !!

वह बादल नहीं अभी तक आ पाया 
जो प्यास बुझाए सब सबके मन की ,
वह चाँद न अब तक ऊगा अम्बर में 
कालौंछ पौंछ दे जो निशि के तन की ;

अब भी मरुथल प्यास है पावस में ,
अब भी काली है रात अमावस में ;

चाँद नया बारात नई लाओ !
तुम धरती को सौग़ात नई लाओ !!


                                            - श्रीकृष्ण शर्मा 

_____________________________
पुस्तक - '' बोल मेरे मौन ''  ,  पृष्ठ - 82

सुनील कुमार शर्मा  
पुत्र –  स्व. श्रीकृष्ण शर्मा ,
जवाहर नवोदय विद्यालय ,
पचपहाड़ , जिला – झालावाड़ , राजस्थान .
पिन कोड – 326512
फोन नम्बर - 9414771867