Tuesday, March 22, 2016
Monday, March 21, 2016
'' कब आओगे ? '' नामक मुक्तक , कवि स्व. श्रीकृष्ण शर्मा के मुक्तक संग्रह - '' चाँद झील में '' से लिया गया है -
( कृपया इसे पढ़ कर अपने विचार अवश्य लिखें | आपके विचारों का स्वागत है| धन्यवाद | )
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सुनील कुमार शर्मा
पी . जी . टी . ( इतिहास )
पुत्र – स्व. श्री श्रीकृष्ण शर्मा ,
जवाहर नवोदय विद्यालय ,
पचपहाड़ , जिला – झालावाड़ , राजस्थान .
पिन कोड – 326512
फोन नम्बर - 9414771867
Thursday, March 17, 2016
'' सृजन की नींव '' नामक मुक्तक , कवि श्री श्रीकृष्ण शर्मा के मुक्तक संग्रह - '' चाँद झील में '' से लिया गया है -
( कृपया इसे पढ़ कर अपने विचार अवश्य लिखें | आपके विचारों का स्वागत है| धन्यवाद | )
सुनील कुमार शर्मा
पी . जी . टी . ( इतिहास )
पुत्र – स्व. श्री श्रीकृष्ण शर्मा ,
जवाहर नवोदय विद्यालय ,
पचपहाड़ , जिला – झालावाड़ , राजस्थान .
पिन कोड – 326512
फोन नम्बर - 9414771867
Saturday, March 12, 2016
'' मैंने चाहा '' नामक मुक्तक , कवि स्व. श्री श्रीकृष्ण शर्मा के मुक्तक संग्रह - '' चाँद झील में '' से लिया गया है -
( कृपया इसे पढ़ कर अपने विचार अवश्य लिखें | आपके विचारों का स्वागत है| धन्यवाद | )
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सुनील कुमार शर्मा
पी . जी . टी . ( इतिहास )
पुत्र – स्व. श्री श्रीकृष्ण शर्मा ,
जवाहर नवोदय विद्यालय ,
पचपहाड़ , जिला – झालावाड़ , राजस्थान .
पिन कोड – 326512
फोन नम्बर - 9414771867
Friday, March 11, 2016
'' अक्षरों पर बन्दिशें हैं '' नामक नवगीत , कवि स्व. श्री श्रीकृष्ण शर्मा के नवगीत संग्रह - '' अँधेरा बढ़ रहा है '' से लिया गया है -
अक्षरों पर बन्दिशें हैं
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अक्षरों पर बन्दिशें हैं ,
शब्द पर पहरे ,
गीत अब किस ठौर ठहरे ?
चुप्पियों का
एक जंगल है ,
लग रहा
सब कुछ अमंगल है ,
सुन न पड़ता कुछ ,
आवाजें कहीं जाकर
गड़ गयीं गहरे।
गीत अब किस ठौर ठहरे ?
घुट रही है
कण्ठ में वाणी ,
किन्तु फूटेगी
किसी ज्वालामुखी - सी
पीर कल्याणी ,
तब न जन के रहेंगे
यों दर्द में डूबे हुए
ये ज़र्द औ ' ख़ामोश चेहरे।
गीत अब किस ठौर ठहरे ?
अक्षरों पर बन्दिशें हैं ,
शब्द पर पहरे।
- श्रीकृष्ण शर्मा
( कृपया इसे पढ़ कर अपने विचार अवश्य लिखें | आपके विचारों का स्वागत है| धन्यवाद | )
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पुस्तक - '' अँधेरा बढ़ रहा है '' , पृष्ठ - 66 , 67
sksharmakavitaye.blogspot.in
shrikrishnasharma.wordpress.com
सुनील कुमार शर्मा
पी . जी . टी . ( इतिहास )
पुत्र – स्व. श्री श्रीकृष्ण शर्मा ,
जवाहर नवोदय विद्यालय ,
पचपहाड़ , जिला – झालावाड़ , राजस्थान .
पिन कोड – 326512
फोन नम्बर - 9414771867
Thursday, March 10, 2016
'' स्नेह '' नामक मुक्तक , कवि स्व. श्री श्रीकृष्ण शर्मा के नवगीत संग्रह - '' चाँद झील में '' से लिया गया है -
( कृपया इसे पढ़ कर अपने विचार अवश्य लिखें | आपके विचारों का स्वागत है| धन्यवाद | )
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सुनील कुमार शर्मा
पी . जी . टी . ( इतिहास )
पुत्र – स्व. श्री श्रीकृष्ण शर्मा ,
जवाहर नवोदय विद्यालय ,
पचपहाड़ , जिला – झालावाड़ , राजस्थान .
पिन कोड – 326512
फोन नम्बर - 9414771867
Wednesday, March 9, 2016
'' ज़िन्दगी है दाँव पर '' नामक नवगीत , स्व. श्री श्रीकृष्ण शर्मा के नवगीत संग्रह - '' अँधेरा बढ़ रहा है '' में से लिया गया है -
आँख में है
हर नमी के
त्रासदी !
दर्द का स्केल है : चेहरा ,
दुःखों की देहरी
हर पाँव ठहरा ,
बनी परवशता
सभी के बीच
चौहदी !
आँखों में है ...
आदमी है एक मुट्ठी धूल ,
रंग - खुशबू - फूल
खोंसे पल्लुओं में
शूल ;
ज़िन्दगी है दाँव पर ,
घेरे खड़े हैं
पारधी !
आँखों में है ...
हादसों में गीत
बनते बोल ,
चढ़े पशुओं के बदन पर
सभ्यता के खोल ;
दलदली है ,
किन्तु जादू की नदी है
ये सदी !
आँख में है ...
- श्रीकृष्ण शर्मा
( कृपया इसे पढ़ कर अपने विचार अवश्य लिखें | आपके विचारों का स्वागत है| धन्यवाद | )
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पुस्तक - '' अँधेरा बढ़ रहा है '' , पृष्ठ - 73 , 74
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सुनील कुमार शर्मा
पी . जी . टी . ( इतिहास )
पुत्र – स्व. श्री श्रीकृष्ण शर्मा ,
जवाहर नवोदय विद्यालय ,
पचपहाड़ , जिला – झालावाड़ , राजस्थान .
पिन कोड – 326512
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